कक्षा एक से ही विद्यार्थियों को बीमारियों की पहचान और उसके निदान की जानकारी दी जाए। यह कहना है सिविल सर्जन डॉ.अशोक कुमार पाठक का। वे राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में जिला के विभिन्न प्रखंड से आए हुए प्रधानाचार्य और उनके सहायक प्रतिनिधियों को बतौर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को वैक्टर जनित रोग जैसे मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकुनगुनिया अादि की पहचान और उससे बचाव के तरीके की जानकारी दें। ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक किया जा सके। जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वैक्टर जनित रोगों की जानकारी विद्यार्थियों के बीच दें। चूंकि विद्यार्थी एक ऐसे माध्यम हैं जिनके जरिये बीमारियों की जानकारी उनके माता-पिता, भाई-बहन एवं अन्य सगे संबंधियों तक पहुंचती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जो विद्यालय में सीखकर जाते हैं ताे उसे दूसराें के साथ शेयर करते हैं। इस मौके पर जिला महामारी विशेषज्ञ पवन श्रीवास्तव ने बताया कि शिक्षक अपने विद्यार्थियों को घरों में साफ सफाई के साथ साथ खुद भी साफ सुथरा रहने, शुद्ध पेयजल पीने, ताजा भोजन का इस्तेमाल करने, कूलर, पुराने बर्तन, बोतल और टायर में जल जमाव की निकासी के बारे में बताएं।
प्रशिक्षण में शामिल प्रशिक्षणार्थी।
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