(संदीप काैशिक)पंचकूला में मंगलवार काे एक और काेराेना पॉजिटिव केस सामने आया है। पंचकूला सेक्टर-15 में रहने वाली 44 साल की सोनिया महाजन की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। उन्हें कई दिन से बुखार था। चिंता की बात यह है कि महिला न ताे विदेश गई और न ही परिवार में काेई विदेश से आया।लाॅकडाउन के बाद से महिला कहीं गई भी नहीं। ऑफिस से भी छुट्टी ले रखी थी। इसके बावजूद उन्हें कोरोना होना एक सवाल उठाता है। महिला ने डॉक्टर्स को बताया है कि वह सिर्फ घर के बाहर आने वाले सब्जी-फ्रूट वालाें से सामान खरीदती थी। कभी मार्केट नहीं गई।
लॉकडाउन से पहले रिश्तेदार आए थे घर
हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से बताया गया कि लाॅकडाउन से पहले दिल्ली से महिला के रिश्तेदार उनके घर आए थे। इनमें से चार अभी यहीं पर थे। अब यह पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली से आने वाले महिला के रिश्तेदार ठीक हैं या नहीं। दिल्ली से आए रिश्तेदाराें से भी बात की जाएगी। अगर दिल्ली से महिला के घर आए रिश्तेदार ठीक हुए ताे इस केस काे कम्युनिटी स्प्रेड से भी जाेड़कर देखा जाएगा। पंचकूला में अब काेराेना वायरस के 6 केस आचुके हैं, जिसमें से दाे ठीक हाे चुके है। बुखार के चलते महिला को सेक्टर-6 के जनरल हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। अब महिला के पति में भी काेराेना वायरस के सिमटम पाए जाने का शक डाॅक्टराें काे है। उनके सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए हैं। महिला की काेराेना पॉजिटिव रिपाेर्ट आते ही उनके परिवार के 13 मेंबर्स को आइसाेलेशन वार्ड में एडमिट किया गया है। परिवार में दो बुजुर्ग भी हैं। इसके अलावा 6 बजे हैं। दिल्ली से आए चार रिश्तेदारों को भी क्वारेंटाइन किया गया है। सूत्रों के अनुसार पीड़ित 27 मार्च को सेक्टर-15 स्थित पोस्ट ऑफिस में गई थी। इस दौरान वे 10 लोगों के संपर्क में आईं। अब यहां के स्टाफ को भी क्वारेंटाइन किया जाएगा।

जवाहरपुर से एक और केस आया सामने
जवाहरपुर में एक और केस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 56 साल की जसविंदर कौर की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जसविंदर कौर का बेटा मनप्रीत पहले से पॉजिटिव चल रहा है। गांव में अब तक 38 लोग कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं। वहीं, राहत की बात यह है कि मोहाली में एक पॉजिटिव महिला ठीक होकर घर चली गई। महिला के पति भी पॉजिटिव थे, जो ठीक हो चुके हैं।
पीटीसी के पत्रकार और उसके दाेनाें साथियाें की रिपाेर्ट नेगेटिव
डेराबस्सी के जवाहरपुर में रिपाेर्टिंग करने के गए पीटीसी सीनियर पत्रकार दलजीत सिंह और उसके दाेनाें साथियाें की रिपाेर्ट नेगेटिव आई। उन्हें कल सुबह अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। जवाहरपुर में रिपाेर्टिंग करने के बाद डीसी माेहाली के नियमानुसार दलजीत सिंह अपने दाेनाें साथियाें के साथ खुद सेक्टर-16 के जनरल हाॅस्पिटल में मंगलवार दाेपहर काे पहुंचे थे। उन्हें मामूली खांसी की शिकायत थी। चंडीगढ़ हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने दाेपहर काे सेंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई भेजे थे। देर रात आई जांच रिपाेर्ट में उन्हें नेगेटिव पाया गया। चंडीगढ़ हेल्थ डिपार्टमेंट ने इस बात की जानकारी पंजाब हेल्थ डिपार्टमेंट काे भी दे दी है।
खरड़: बुजुर्ग महिला के पति के बाद नौकरानी भी संक्रमित
मुंडी खरड़ की आस्था एंक्लेव की बुजुर्ग महिला राज कुमारी (77) की कोरोना से माैत हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने इस केस में कुल 7 सैंपल लिए थे। बुजुर्ग महिला के पति की रिपोर्ट पहले ही पॉजिटिव आ चुकी है। जबकि परिवार के अन्य पांच सदस्यों की रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। वहीं, महिला के घर में नौकरानी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 38 साल की हेमा के सैंपल सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा लिए गए थे। मंगलवार सुबह इसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई, तो उसके संपर्क में आए 10 लोगों के तुरंत टेस्ट किए गए। राहत की बात यह है कि इनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
महिला डॉक्टर की तबियत बिगड़ी
स्वास्थ्य विभाग की टीम में एसएमओ तरसेम सिंह डॉ सीपी सिंह, डॉ ईशान शर्मा व अन्य मौजूद रहे। कुछ स्टाफ द्वारा पीपीई किटें पहनकर सैंपल लिए जा रहे थे। गर्मी अधिक होने के कारण टीम की एक महिला सदस्य की तबीयत खराब हो गई। तुरंत बाहर खुली हवा में लाकर बैठाया गया।
लापरवाही: हर किसी का टेस्ट नहीं कर रहा हेल्थ डिपार्टमेंट
(संजीव महाजन) चंडीगढ़में कोरोना के अब तक मात्र 21 पेशेंट ही सामने आए हैं। डॉक्टर भी मान रहे हैं कि जिस मात्रा में टेस्ट होने चाहिए थे, वे हो ही नहीं रहे। ज्यादा टेस्ट होंगे तो ही कोरोना पॉजिटिव मरीजों का सही आंकड़ा सामने आएगा।चंडीगढ़ में अब तक सिर्फ 296 लोगों के ही कोरोना टेस्ट के सैंपल लिए गए हैं। मोहाली में 850 से ऊपर सैंपल लिए जा चुके हैं। इस वजह से मोहाली में ज्यादा पेशेंट सामने आ रहे हैं।
मतलब साफ है, ज्यादा टेस्ट होंगे तो ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आएंगे। हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा हर संदिग्ध मरीज के तुरंत सैंपल नहीं लिए जाते। तीन दिन पहले सेक्टर-39 थाना पुलिस ने यूपी के हाथरस निवासी युवक नवी मोहम्मद को सेक्टर-41 के गांव बड़हेड़ी से पकड़ा गया था। आरोप है कि यह युवक जानबूझकर लोगों के शटर और घरों के दरवाजों पर थूक रहा था। पुलिस मोहम्मद को सेक्टर-16 हॉस्पिटल ले गई। डॉक्टर्स ने उससे पूछा कि उसे सांस लेने में दिक्कत तो नहीं है। नवी ने जवाब दिया कि उसे सांस लेने की दिक्कत नहीं है, उसे बुखार है। लेकिन डॉक्टर्स ने उसका न एक्सरे करवाया और न सैंपल लिया। उसे बुखार की दवा दी और वापस भेज दिया। बावजूद इसके युवक के खिलाफ पुलिस ने एपेडेमिक एक्ट और कई अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस को जब पता चला कि आरोपी युवक को डॉक्टर्स ने छोड़ दिया है तो हेल्थ डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों तक मामला पहुंचाया गया।
हर किसी के सैंपल नहीं ले सकते
हर किसी के सैंपल नहीं लिए जा सकते। जिनकी कॉन्ट्रैक्ट हिस्ट्री या ट्रैवल हिस्ट्री हो और उसके साथ-साथ सांस लेने में दिक्कत हो, उनके ही टेस्ट किए जाते हैं। नवी मोहम्मद के मामले में उसके सैंपल न लेने की जानकारी मेरे तक पहुंची थी, जिसकी जांच की जा रही है। -जी दीवान, डायरेक्टर हेल्थ सर्विस
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2VrfNus
No comments:
Post a Comment