कोरोनावायरस के संदिग्धों की जांच करने वाले डॉक्टरों को भी इससे सावधानी बरतने की जरूरत के मद्देनजर प्रशिक्षित किया जाने लगा है। इसी कड़ी में उन्हें संदिग्ध मरीजों की जांच से पहले खुद हैंड सैनिटाइजर व मास्क का उपयोग करने को कहा गया है। सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार पाठक ने सीएस कार्यालय के सभाकक्ष में सभी प्रखंड के प्रभारी, निजी अस्पताल के प्रतिनिधियों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मरीजों की जांच से पहले खुद भी एहतियात बरतने को कहा। उन्होंने कहा कि अगर कोई कोरोना के संदिग्ध व्यक्ति जांच के लिए आते हैं तो उन्हें सिर्फ सर्दी, खांसी और बुखार होने भर से ही कोरोना की पुष्टि नहीं की जा सकती है। इसके लिए कुछ खास क्राइटेरिया बनाए गए हैं। जैसे विदेश से आने या वहां के किसी प्रयोगशाला में काम करने वाले के संपर्क में रहने वाले व्यक्ति में अगर तेज बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, सर्दी, खांसी आदि लक्षण पाए जाने पर ही इसकी पुष्टि कर सकते हैं। सीएस ने कहा कि जब राज्य में ही अभी तक एक भी व्यक्तियों में इस बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है तो बोकारो में कैसे पुष्टि हो सकती है? जबकि बाहर से आने वाले व्यक्तियों को पहले 14 दिन हवाई अड्डे और उसके बाद जिला में पहुंचने पर 14 दिन घर के एकांत में रखा जाता है।
जिला मलेरिया पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि सिर्फ खांसी और बुखार से कोरोना की पुष्टि नहीं होती है। यह लक्षण तो मौसम में परिवर्तन के कारण वायरल फीवर की वजह से भी होती है। डॉ. उत्तम कुमार ने कोरोना प्रभावित क्षेत्र से होकर आने या प्रभावित व्यक्तियों के संपर्क में आने के बाद सांस फूलने, बदन दर्द, सर्दी, जुकाम आदि लक्षण पाए जाना कोरोना का मामला बताया। एपीडिमोलोजिस्ट पवन कुमार श्रीवास्तव ने विस्तारपूर्वक कैरोना के लक्षण और बचाव के बारे में बताया। मौके पर डब्ल्यूएचओ के डॉ. आमोल, बीजीएच के संयुक्त निदेशक डॉ. गौतम, आइएमए चास की अध्यक्ष डॉ. मीता सिन्हा, सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. रेणु भारती, एसडीएच चास के प्रभारी डॉ. महेंद्र प्रसाद, यक्ष्मा विभाग के प्रभारी डाॅ. एनपी सिंह, जरीडीह रेफरल के प्रभारी डॉ. जीतेंद्र कुमार, कसमार प्रभारी डॉ. नवाब, चंदनकियारी के प्रभारी डॉ. श्रीनाथ आदि मौजूद रहे।
बीजीएच में 90 और सदर में 8 बेड का बना आइसोलेशन वार्ड
कोरोना के संदिग्ध मरीजों को रखने के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में 90 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। सीओसी मणिकांत धान के अनुसार यह वार्ड बीजीएच के पिछले हिस्से में स्थित कैंसर वार्ड के बगल में बनाया गया है। जबकि एपीडिमोलोजिस्ट पवन श्रीवास्तव ने बताया कि सदर अस्पताल में आठ बेड का नया आइसोलेशन वार्ड अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर में बनाया गया है।
बैठक को संबोधित करते सीएस।
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