(संदीप कौशिक)सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में रविवार काे एक परिवार काे एडमिट किया गया था, जाे काेराेना पेशेंट के काॅन्टैक्ट में आया था। परिवार के मेंबरों काे फीवर और गले में भी प्राॅब्लम थी, उनके सैंपल ले लिए गए। हैरानी की बात है कि अभी इनके सैंपलाें की रिपाेर्ट भी नहीं आई कि पहले ही वाॅर्ड में तैनात स्टाफ और डाॅक्टर की ओर से इन्हें डिस्चार्ज भी कर दिया। जब काेविड-19 टीम काे पता चला कि उन्हें बिना बताए ही अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया ताे आनन-फानन में अस्पताल से एक टीम काे पिंजाैर के हिमशिखा भेजी गई। देर रात चार लोगों को लेकर टीम अस्पताल पहुंची। जबकि परिवार का एक मेंबर हॉस्पिटल में एडमिट मिला। हालांकि, जैसे ही टीम घर के बाहर पहुंची ताे परिवार ने गेट की अंदर से कुंडी लगा ली थी।
टीम ने उन्हें बाहर से समझाया, तब जाकर परिवार दोबारा से अस्पताल आने काे राजी हुए। सवाल इसलिए भी खड़ा होता है कि जब इनके सस्पेक्टेड मान सैंपल लिए गए तो रिपोर्ट आने से पहले इन्हें घर क्यों भेजा गया। यह डिपार्टमेंट की सरासर लापरवाही है। जबकि, परिवार एक काेराेना ग्रस्त मरीज के संपर्क में आया हुआ था। दरअसल, कालका में जो जमाती पॉजिटिव पाए गए थे, उनमें से एक इनके घर दूध देने चाहता था। इसके बाद परिवार के सदस्यों की तबीयत खराब होने लगी। दूसरी ओर, गढ़ी काेटाहा का एक परिवार 22 दिन पहले जवाहरपुर में शादी अटेंड करने गया था। रविवार को इस परिवार को ट्रेस किया गया। अब परिवार के सभी चार मेंबराें काे अस्पताल में एडमिट किए गए। सेक्टर 12ए से दाे सस्पेक्टेड कोे अस्पताल लाया गया और सेक्टर-15 से भी एक मरीज काे जांच के लिए लाया गया।
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