सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 900 वर्ग फीट के ब्लाॅक में उतारी जाएगी गेहूं, 47 मंडियों में बेच सकेंगे फसल - News

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सोशल डिस्टेंसिंग के लिए 900 वर्ग फीट के ब्लाॅक में उतारी जाएगी गेहूं, 47 मंडियों में बेच सकेंगे फसल

कोरोना वायरस को लेकर लगे कर्फ्यू के बीच जिले में गेहूं की खरीद 15 अप्रैल से शुरू की जा रही है वहीं मंडियों की संख्या भी दोगुनी कर दी गई है। पहले जिले में 23 मंडियां थी लेकिन अब 47 मंडियों में गेहूं की खरीद की जाएगी। इस बार गेहूं की खरीद का सीजन 15 अप्रैल से 15 जून तक चलेगा। भास्कर टीम ने जब रोपड़ मंडी का दौरा कर जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की तो आढ़तियों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही थीं।

ज्यादातर आढ़ती लेबर को लेकर परेशान थे। आपको बता दें कि जिला प्रशासन द्वारा हर दिन आढ़ती को 2 से 4 किसानों को टोकन देने की बात कही जा रही है। जिन किसानों को टोकन दिया जाएगा, वह दिन में 2 बार अपनी फसल लेकर मंडी में आ सकते हैं। वहीं एक ट्राली में 50 क्विंटल से अधिक फसल न लेकर आने की हिदायत है। वहीं जिला प्रशासन की तरफ से सोशल डिस्टेंस बना रहे इसके चलते मंडी में 30 गुणा 30 फुट यानी 900 वर्ग फीट के ब्लॉक बनाए गए हैं जिसमें किसानों द्वारा लाई गई गेहूं की फसल को उतारा जाएगा।

कर्फ्यू के चलते यहां फंसी लेबर को काम की मिले इजाजत : निम्मा

इस संबंधी आढ़ती निर्मल सिंह निम्मा ने कहा कि उनके पास पिछले 30 साल से 20 लेबर के व्यक्ति पक्के तौर पर काम करते हैं लेकिन इस बार उनके पास सिर्फ 4-5 ही व्यक्ति हैं। इसके चलते उन्हें लेबर की परेशानी है क्योंकि यह लेबर अभी अनट्रेंड है। इस कारण इस बार काम में देरी होने से परेशानी होगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जो लेबर इस समय यहां पर फंसी हुई है, उसे काम पर भेजा जाए किसानों को परेशानी न हो। पहले ही जिले में लेबर की कमी चल रही है। जिले में फंसी लेबर को यहां काम करने की इजाजत दी जाए।

मौसम कब बिगड़ जाए इसलिए फसल स्टोर करने की दी जाए अनुमति : कुलविंदर

गांव सलेमपुर में रहने वाले किसान कुलविंदर सिंह ने कहा कि उनके पास गेहूं काटने की 2 मशीनें हैं और 2 ही मशीनें तूड़ी बनाने की हैं। उन्हें भी लेबर की दिक्कत आ रही है क्योंकि सरकार ने कानून कड़ा कर दिया है। बाहर से कोई लेबर नहीं आ रही। हमारी मांग है कि गेहूं की कटाई जल्द से जल्द शुरू करवाई जाए और सभी किसानों को गेहूं काटने की अनुमति दी जाए। किसानों अनुमति दी जाए कि वह फसल स्टोर कर सकें क्योंकि मौसम का भरोसा नहीं है।

पिछले साल 65, इस बार 25 हैं लेबर : गिल
आढ़ती एसोसिएशन रोपड़ के अध्यक्ष बलदेव सिंह गिल ने कहा कि उन्हें सबसे अधिक परेशानी लेबर की आ रही है। पिछले साल जहां उनके पास 65 आदमी थे इस बार मात्र 25 हैं। वह प्रशासन से मांग करते हैं कि आढ़तियों को उनकी क्षमता के हिसाब से टोकन जारी किए जाएं ताकि गेहूं की खरीद जल्दी हो सके। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि मंडी में एक ट्राली में 50 क्विंटल गेहूं लेकर आएं जबकि आम ट्रालियों में 70 से 75 क्विंटल गेहूं आती है। इसलि‌ए एक ट्राली में जितनी गेहूं आ सकती है उसे मंडी में लाने की इजाजत दी जाए। प्रशासन की तरफ से जब टोकन दिए जाएंगे तो उसी समय अपनी गेहूं मंडी में लेकर जाएं। ऐसा करने से किसान की परेशानी भी कम होगी।



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For social distancing, wheat will be landed in 900 sq ft block, crop will be able to sell in 47 mandis


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