(संदीप काैशिक) पंचकूला के लाेगाें के लिए एक और गुड न्यूज है कि अब सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल में 15 बेडिड आईसीयू यूनिट तैयार हाे चुका है। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से इस महीने ही इसे पूरी तरह से चलाने के लिए भी काम किया जा रहा है। अभी यहां पर 4 बेडिड वेंटिलेटर का बंदाेबस्त किया गया है, जिन्हें ट्रायल बेस पर शुरू किया जा चुका है। जबकि, 7 बेडिड एचडीयू का भी बंदाेबस्त है।
अभी ट्रायल बेस पर 4 वेंटिलेटर बेड काे चलाया जा रहा है और फिलहाल आईसीयू में 30 मेडिकल स्टाफ काम कर रहे है। इनमें 4 डाॅक्टर है और जैसे ही यहां पर और वेंटिलेटर इंस्टाॅल किए जाएंगे, वैसे वैसे स्टाफ काे भी बढ़ाया जाएगा। अभी इस बात पर भी प्लानिंग की जा रही है कि अगर काेई भी काेराेना ग्रस्त गंभीर मरीज आता है और उसे वेंटिलेटर की जरूरत पडती है ताे उसके लिए वेंटिलेटर का बंदाेबस्त अलग से किया जाए या नहीं, ऐसा इसलिए क्याेंकि, अब से अगर काेई भी काेराेना पाॅजिटिव मरीज आता है ताे उसे माैलाना के अस्पताल में एडमिट किया जाएगा। वहीं, अगर किसी भी एक काेराेना पेशेंट काे आईसीयू में एडमिट किया गया ताे बाकि मरीजाें काे यहां पर एडमिट नहीं किया जा सकेगा। वहीं, अब विभाग की ओर से इस आईसीयू काे इसी महीने पूरी तरह से शुरू करने के लिए भी प्लान किया जा रहा है।
तीनाें कर रहे डाॅक्टराें और स्टाफ काे सहयोग
अब काेराेना पाॅजिटिव सिर्फ 3 जमाती ही अस्पताल में एडमिट है। खास बात ये है कि वे डाॅक्टराें और स्टाफ काे काफी अच्छे से काेपरेट कर रहे हैं। डाॅक्टराें के कहने पर अब सभी अपने अपने वाॅर्ड में साेशल डिस्टेंसिंग का रूल फाॅलाे कर रहे हैं। साथ ही हर छाेटी से छाेटी बात यहां डाॅक्टर और स्टाफ के साथ शेयर कर रहे हैं। स्टाफ के कहने पर अब जमाती किसी भी चीज काे हाथ भी नहीं लगा रहे और अब उन्हें अपने परिवार की चिंता है।
डाॅक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ उठा रहा जोखिम
डाॅक्टराें और पैरामेडिकल स्टाफ हर राेज अपनी जान जाेखिम में डाल मरीजाें का इलाज कर रहे है। अपने परिवार काे अलग रख हर राेज पॉजिटिव मरीजाें की बीच उन्हें ठीक कर परिवार के बीच दाेबारा से खुशहाल जिंदगी देने वाले इन डाॅक्टराें काे लाेग सलाम कर रहे है। जनरल अस्पताल में डाॅ. अश्वनी भटनागर, डाॅ. नीतिन, डाॅ. नरेंद्र गुलाटी, डाॅ. राजेश राजू, डाॅ. मनाेज त्यागी, डाॅ. एंजला के अलावा मेडिकल स्टाफ भी हर राेज इन पॉजीटिव मरीजाें का दिन रात ध्यान रख रहे है। दिन में तीन से पांच बार इनके स्वास्थ की जांच करने के बाद ही इन्हें ठीक किया जा रहा है।
डिस्टेंस के लिए परिवार काे भी दूरी बनाने को बाेला
काेराेना से जंग जीतने के बाद अब ओल्ड पंचकूला की महिला ने अपने बच्चाें काे भी दूरी बनाने के लिए कहा था। अब घर पर जाते ही उसने अपने बैड और अपने बर्तनाें काे भी अलग कर लिया। इसके अलावा महिला के संपर्क में आने वाली स्टाफ नर्स ने भी साेशल डिस्टेंसिंग काे फाॅलाे करने के लिए अपनी समझदारी दिखाई और अब अपने जानकाराें और स्टाफ काे भी साेशल डिस्टेंसिंग फाॅलाे करने के लिए अवेयर कर रही है। जब डिस्चार्ज हुई ताे उनका सिर्फ यही कहना था कि काेराेना से जंग लगने के लिए हर एक व्यक्ति काे अपनी विल पावर काे स्ट्राॅग करने की जरूरत है।
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