शहरों की तंग गलियों के अंधेरे कमरों से निकलकर पलायन कर रहे 204 श्रमिकों को प्रशासन ने राधा स्वामी सतसंग भवन में रोका हुआ है। सत्संग भवन में रह रहे श्रमिकों का संस्था की तरफ से पूरा ध्यान रखा गया है। अब 14 दिन यहां गुजारने के बाद श्रमिक अपने घरों को जाना चाहते हैं। क्योंकि यूपी में रह रहे उनके परिवार अब इंतजार कर रहे हैं।
लॉकडाउन दो सप्ताह बढ़ाए जाने की सूचना से श्रमिक अब अपने घरों को जाने की मांग कर रहे है। श्रमिकों का कहना है कि यदि यहां काम भी मिला तब भी वह नहीं करेंगे। उनके घरों की हालत खराब हो चली हैं इसलिए घर जाना जरूरी है। श्रमिकों ने कहा कि उन्हें यहां किसी किस्म की दिक्कत नहीं है, लेकिन अपनी फसल भी देखनी है। दरअसल, राधा स्वामी सत्संग घर में ठहरे हुए अधिकतर श्रमिक बरेली और लखनऊ क्षेत्र से हैं।
उन्होंने बताया कि गेहूं के सीजन में पहले भी वह अपने घर जाते रहे हैं। अब जेब में पैसा भी नहीं है और फसल भी नहीं समेट पाए तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। घर जाने का किराया भी उनके पास है, बस प्रशासन उनके जाने का इंतजाम कर दे। श्रमिकों ने अपनी फरियाद अधिकारियों को नहीं सुनाई है लेकिन मेडिकल स्टाफ और सेवादारों को अपने मन की बात वह कई बार कह चुके हैं।
24 घंटे मिल रही सुविधाएं
श्रमिकों की देखभाल के लिए प्रशासन और सेवादार 24 घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। सत्संग घर में प्रशासन की तरफ से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा दो पुलिसकर्मी हर समय इनकी सुरक्षा में तैनात रहते हैं। प्रशासन की तरफ से मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
कबड्डी खेलकर टाइम पास
राधा स्वामी सत्संग भवन में बने शेल्टर होम में रह रहे श्रमिक शाम के समय कबड्डी खेलकर और साफ सफाई कर अपना दिल बहला रहे हैं। काम में लगे रहते हैं तो दिल भी लगा रहता है, लेकिन रात को बिस्तर पर फिर घर का ख्याल आ जाता है।
- अभी तक श्रमिकों को लेकर सरकार की तरफ से कोई आदेश नहीं मिले हैं। जैसे संकेत आ रहे हैं तो अनुमान है कि लॉकडाउन बढ़ेगा। इस बारे में सरकार जो भी निर्णय लेगी उसी के मुताबिक काम करेंगे।अदिति, एसडीएम, नारायणगढ़
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